क्या है आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का एजेंडा? आखिर लोग कश्मीरियों पर क्यूँ भड़क रहे हैं?

14 फरवरी को पुलवामा में हुए आतंकी हमले में हमने अपने 40 जवान खोये. साथ ही इसके अलावा पिन्ग्लन इलाके में मेजर समेत 5 और जवान शहीद हुए. हमले के बाद पूरे देश के अन्दर क्रोध की ज्वाला उठी है कि बस हमलावारों से बदला लेना है.

इन दिनों कश्मीरियों के ऊपर एक और आफत आ पड़ी है. जी हाँ, जो कश्मीरी बाहर काम कर रहे हैं उन्हें लोग अपना गुस्सा निकालने के लिए उन्हें मार पीट रहे हैं. इसके चलता सी आर पि ऍफ़ मददगार ने एक हेल्पलाइन नंबर ट्विटर पर पोस्ट किया है जिसके चलते जो कश्मीरी देश के अलग-अलग हिस्से में काम कर रहे हैं या जो स्टूडेंट अपनी पढाई कर रहे हैं उनकी मदद के लिए ये नंबर निकाला गया.

हाल ही की रिपोर्ट के मुताबिक़ बिहार में पटना के ल्हासा मार्केट में कुछ गुंडों ने कश्मीरी दुकानदारों को मारा पीटा. इसके अलावा सोशल मीडिया वेबसाइट पर कई ऐसे ग्रुप खुले हैं जिसमें वो साफ़-साफ- सन्देश दे रहें हैं की जहाँ भी कश्मीरी दिखें उन्हें सबक सिखाओ.

जैशे-ए- मोहम्मद का एक ही एजेंडा, बस कश्मीरियों को भारत के खिलाफ भड़काना

अगर आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के एजेंडा की बात करें तो उनका साफ यही एजेंडा है की वो कश्मीरी लड़कों को भारत के लोग और गवर्मेंट के खिलाफ भड़काते हैं और अपने आतंकवादी संगठन में जोड़ने की कोशिश करते हैं. और ये काम हमारे आस-पास के लोग ही पूरा करते हैं. जहाँ लोग अपना गुस्सा कश्मीरियों पर निकाल रहें तो कुछ और भी लोग हैं जो कश्मीरियों के साथ हैं.

भारत में अभी कोई इंसान ऐसा नहीं है की जिसके अन्दर गुस्सा न भरा हो लेकिन इसका मतलब ये तो नहीं की जो भी मिल जाये उसे मारो-पीटो. मेरे हिसाब से इन लोगों को मारने पीटने से कोई हल नहीं निकलने वाला.


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