जादवपुर यूनिवर्सिटी प्रोफेसर ने Virgin Girls की तुलना सीलबंद बोतल से कर इन्टरनेट पर मचाया बवाल

आज भले ही हमें आज़ादी पाये सत्तर साल से ऊपर हो गए हो लेकिन बहुत से लोग आज भी उन लोगों के विचारो से बंधे हुए है जो अपनी पुरानी सोच दूसरों पर थोपते हैं. कहने को तो हम अपने बच्चों और छोटों को सिखाते है कि लड़का लड़की सब एक सामान है लेकिन क्या हो जब एक प्रोफेसर ही एक लड़की की वर्जिनिटी को बंद बोतल से तुलना करें.

Virgin लड़की सीलबंद बोतल की तरह है: Kanak Sarkar

कोलकाता स्थित जादवपुर विश्वविद्यालय के एक प्रोफेसर ने एक लड़की की वर्जिनिटी को बंद बोतल से तुलना कर चौंकाने वाली टिप्पणी दी.

इन टिप्पणियों को कनक सरकार ने फेसबुक पर पोस्ट किया था. न ही एक पोस्ट बल्कि उन्होंने ऐसे कई पोस्ट किये जिनमें एक औरत की वर्जिनिटी के बारे में बेहद ही बुरे शब्दों में उल्लेखना की गयी है.

Screenshot of Facebook post of Kanak Sarkar

कनक सरकार एक डॉक्टरेट प्रोफेसर है जिन्हें 20 सालों का पढ़ाने का तजुर्बा है. हाल ही में फेसबुक पर बेहद शर्मनाक पोस्ट पर (जिसे अब हटा दिया गया है) कनक सरकार ने कहा कि:

क्या आप कोल्ड ड्रिंक की बोतल या बिस्कुट का पैकेट खरीदते समय उसकी टूटी सील के पैसे देना पसंद करेंगे.

“एक लड़की जन्म से तब तक कुंवारी होती है जब तक उसे खोला ना जाए. एक कुंवारी लड़की का अर्थ मूल्यों, संस्कृति और यौन स्वच्छता के साथ कई चीजें जुडी हुई है. बहुत लड़कों के लिए एक वर्जिन लड़की परी जैसी होती है.”

प्रोफेसर ने यह भी कहा कि वह लड़के मुर्ख होते है जो वर्जिन लड़कियों और पत्नियों के बारे में नहीं जानते.

Virginity को यूँ बयां किया जादवपुर यूनिवर्सिटी प्रोफेसर ने

9 नवम्बर 2018 में एक पोस्ट में सरकार ने कहा कि “बहुत से लड़के-लड़कियों ने मानव जीवन के नैतिकता, मूल्यों और सदाचार के बारे में गलत विचारों को विकसित किया है। आज के ज़माने के लड़के सोचते हैं कि ब्रह्मचर्य (celibacy) और कौमार्य (virginity) नैतिकता का हिस्सा नहीं हैं. इसलिए लड़कियां चालाक और धूर्त लड़कों द्वारा शोषित हो जाती है. हलांकि कौमार्य खोना नैतिकता का अंत नहीं है….. कौमार्य ईमानदारी और नैतिकता की तरह अनमोल है.”

Screenshot of Facebook post of Kanak Sarkar

इसके बाद 22 दिसंबर को फिर एक बार प्रोफेसर ने “वर्जिनिटी” को इन शब्दों में ढाला, “कौमार्य गरिमा है.. अगर एक औरत शादी से पहले वर्जिन है तो उसे इस बात पर नाज़ होना चाहिए. मुझे यकीन है कि आपको अपने पति या प्रेमी द्वारा सम्मानित किया जाएगा… पुरुषों के लिए एक वर्जिन लड़की पारी की तरह होती है. औरतों को यह तथ्य पता होना चाहिए..”

इसके बाद फिर जनवरी में प्रोफेसर ने कहा कि एक महिला को तब तक कुंवारा रहना चाहिए जब तक उसकी शादी न हो जाए. प्रोफेसर की फेसबुक पोस्ट ने सोशल मीडिया पर अच्छा खासा बवाल मचा दिया जिसके बाद इन पोस्ट को हटा लिया गया है.